चंडीगढ़: राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले हरियाणा सरकार के कर्मचारियों के लिए अब खेल उपलब्धियों के आधार पर स्वीकृत वेतनवृद्धि संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा दावा स्वीकृत किए जाने के अगले महीने से प्रभावी होगी। पात्र सरकारी कर्मचारी को यह दावा संबंधित खेल प्रतियोगिता के समापन की तिथि से एक वर्ष के भीतर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
राज्य सरकार ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले सरकारी कर्मचारियों को प्रदान किए जाने वाले प्रोत्साहनों और वेतनवृद्धि संबंधी प्रावधानों को और अधिक स्पष्ट एवं सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से नए निर्देश जारी किए हैं। नए निर्देशों के तहत वर्ष 1990 में जारी पूर्व निर्देशों की समीक्षा के बाद खेल उपलब्धियों पर प्रदान की जाने वाली वेतनवृद्धि (इंक्रीमेंट) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अतिरिक्त प्रावधान जोड़े गए हैं।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा इस सम्बन्ध में एक पत्र जारी किया गया है। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आउटसोर्सिंग स्पोर्ट्स पर्सन्स पॉलिसी के तहत प्रत्यक्ष नियुक्ति प्राप्त खिलाड़ियों को इन निर्देशों के अंतर्गत अतिरिक्त वेतनवृद्धि का लाभ नहीं दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा पहले से ही राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण शिविरों, पर्वतारोहण अभियानों तथा सिविल सर्विसेज खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले सरकारी कर्मचारियों को विशेष सुविधाएं प्रदान की जाती रही हैं। इनमें प्रतियोगिता अवधि को ड्यूटी मानना, विशेष आकस्मिक अवकाश, यात्रा सुविधाएं तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन पर वेतनवृद्धि जैसी प्रोत्साहन योजनाएं शामिल हैं।
सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों एवं निगमों के प्रबंध निदेशकों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों, विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि इन प्रावधानों की जानकारी सभी संबंधित कर्मचारियों तक पहुंचाई जाए तथा उनका सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।